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हनुमान: क्रोध का उदय
जब अधर्म ने अपनी सारी सीमाएँ पार कर दीं… तब जाग उठी महाबली हनुमान की दिव्य शक्ति! उनकी हर साँस में श्रीराम का नाम था… और उनके हृदय में भक्तों की रक्षा का संकल्प! लेकिन जब निर्दोषों पर संकट आया… तो बजरंगबली ने ठान लिया—अब अन्याय का अंत होगा! जय श्रीराम के उद्घोष के साथ… महाबली आगे बढ़े! उनकी दिव्य शक्ति के सामने अंधकार भी काँप उठा! लेकिन ये तो केवल शुरुआत थी… क्योंकि आकाश में छिपा था एक और बड़ा संकट! जय श्रीराम!
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जब अधर्म ने अपनी सारी सीमाएँ पार कर दीं… तब जाग उठी महाबली हनुमान की दिव्य शक्ति! उनकी हर साँस में श्रीराम का नाम था… और उनके हृदय में भक्तों की रक्षा का संकल्प! लेकिन जब निर्दोषों पर संकट आया… तो बजरंगबली ने ठान लिया—अब अन्याय का अंत होगा! जय श्रीराम के उद्घोष के साथ… महाबली आगे बढ़े! उनकी दिव्य शक्ति के सामने अंधकार भी काँप उठा! लेकिन ये तो केवल शुरुआत थी… क्योंकि आकाश में छिपा था एक और बड़ा संकट! जय श्रीराम!





